नैना नैना
दो सुन्दर सुन्दर
प्यारे प्यारे नैना ।
जग दिखाये ,मन बहलाए ,
रंग बिरंगे ख्वाब सजाये ,
तेरे नैना , मेरे नैना
ये दो सुन्दर-सुन्दर नैना ।
स्वप्न दिखलाये ,लक्ष्य बंधाये ,
राह बताये , दृढ संकल्प बनाये ,
भाव जगाए , साथ निभाए ,
नजरो ही नजरो में कुछ कह जाए ,
ये दो नैना ।
रूप निखरे , रंग निखरे ,
कालिख पोते खुद पर
सज्जा फिर तेरी सवाँरे ,
प्रेम सिखाये ,दुःख सह जाए ,
रख पलकों में आब भाव के ,
स्नेह दिखाए , क्लेश बताये ,
छलका कल दो बूँद सुधा की ,
दर्द में भी तेरा साथ निभाए ,
ये दो काले काले से नयना ॥
प्रेम स्वीकृति दे शरमा कर ,
क्रोध की भी अग्नि बरसाए ।
बात करे नैना नयनो से तब ,
जब बातों को शब्द भी कम पड़ जाए ।
भावों का अथाह समन्दर ,
रखे सुख दुःख अपने अन्दर ।
ऐसे दो निश्छल नैना ,
बिधाता की हमको है भेट ये सुन्दर “दो नैना “॥
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