कदर नहीं उनको हमारी ,
जिनपर हम ज़ा फेकते है ।
क्या जानेंगे कीमत एहसास की ,
वो तो चाहत के लिए मोहब्बत को बेचते है ॥
हमें तो गवारा नहीं रहना उनके बिना ,
फिर भी एक नज़र ना वो देखते है .॥
कहते है दूर-दूर तक नहीं उन्हें प्यार से कोई वास्ता ,
फिर भी न जाने , छुप -छुप के क्यों पलकों को सेकते है !!!!!!
!!भास्कर !!