अनुभूति
कल्पना और हकीकत की सीमा से परे ...भावनाओ का प्रवाह !
Lovely world
Wednesday, February 08, 2012
ख्याल
हर वक़्त एक यही ख्याल आता है ....
क्यों होता नहीं जो ये पागल दिल चाहता है !
जीना नहीं उनसे बिछर कर , मरने को जी चाहता है.,...
मय्यत पे वो कही आ एगेंगे शायद मेरी ,ये सोच के सो जाने को जी चाहता है!!!!!
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