अनुभूति
कल्पना और हकीकत की सीमा से परे ...भावनाओ का प्रवाह !
Lovely world
Monday, December 17, 2012
उलफत भर, दिल में उनके लिए आ गए ज़माने को छोड़ के ,
और एक वो थी ,जिनको गवारा ना हुआ देखे नज़रे मोड़ के ।
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