अनुभूति
कल्पना और हकीकत की सीमा से परे ...भावनाओ का प्रवाह !
Lovely world
Friday, February 28, 2014
अगर जिंदगी एक दीया है
,
तो मेरे दीये का तेल बडी तेजी से जल रहा है ।
मै इस दीये की उमर बढने के लिये
उसकी रोशनी कम नही कर सकता ।।
ये तो मै ही जानता हु सर
,
जिंदगी के आखरी मोड पर कितना अंधेरा है ॥
सफर (1970)
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