अनुभूति
कल्पना और हकीकत की सीमा से परे ...भावनाओ का प्रवाह !
Lovely world
Monday, December 23, 2019
इन कदमो में होड़ थी ,
बढे चलो बढे चलो ,
अचरज तो देखो!!
अब खुद ही सोचते है ,
कहाँ को जाए ??
भास्कर
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