Lovely world

Sunday, April 14, 2013

एक दुआ !

दामन में काटे ही मिले,
दुआ है !
तेरा  चमन  फूलो से 
सजता  रहे । 
गुलिस्ता महके नव - कलियों ,
नव- रंग , नयी -सुगंध से ,
खातिर तेरे ,
हर मकरंद से ,
अब  बैर खाया है । 
देख होठो पर तेरे  , 
लहर मुस्कान की ,
मेरा हर गम ,
मेरी  हर चिंता ,
हर मेरा दर्द , 
तेरी उस मंद ,चंचल  हंसी ने 
भुलाया है । 
अब ना जाने देना होठो से ,
इन तबस्सुम  की 
लडियो को ,
मेरे  बेचैन से ,
इस चैन का,
चैन  !
तेरी  इन्ही मुस्कानों में समाया  है !!

                                                                      ॥ भास्कर ॥ 
  
 


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